नेपाल में 2400 से ज्यादा लापता, भारत की स्पेशल रेस्क्यू टीम पहुंची; पहले विदेशी रेस्क्यू टीमों को लेने से किया था इनकार

बाढ़ के बाद बदला नेपाल का रुख, अब भारत समेत अन्य देशों से विशेष तकनीकी मदद ली जा रही; सुरंग में फंसे लोगों की तलाश तेज

नेपाल में 2400 से ज्यादा लापता, भारत की स्पेशल रेस्क्यू टीम पहुंची; पहले विदेशी रेस्क्यू टीमों को लेने से किया था इनकार

काठमांडू, 29 अगस्त 2026। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस आपदा में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और 2,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच भारत की विशेष टनल-रेस्क्यू और मेडिकल टीम नेपाल पहुंच गई है।

भारत की 11 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम को खास तौर पर उन इलाकों में मदद के लिए भेजा गया है, जहां हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में लोगों के फंसे होने की आशंका है। टीम में टनल रेस्क्यू विशेषज्ञों के साथ मेडिकल विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह भी है कि नेपाल ने आपदा के शुरुआती चरण में कई देशों की ओर से सामान्य Search & Rescue Teams भेजने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था। उस समय नेपाल के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि देश की अपनी सुरक्षा एजेंसियां खोज और बचाव अभियान संभालने में सक्षम हैं और तत्काल विदेशी Search & Rescue Teams की जरूरत नहीं है।

भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका और बांग्लादेश समेत कई देशों ने नेपाल को सहायता और रेस्क्यू टीम भेजने की पेशकश की थी। हालांकि बाद में नेपाल ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि उसे सामान्य बचाव अभियान के बजाय कुछ विशेष क्षेत्रों में विदेशी तकनीकी विशेषज्ञता की जरूरत है।

नेपाल के विदेश मंत्री ने 29 अगस्त को कहा कि विदेशी सहायता को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया था। सरकार जमीन पर काम कर रही नेपाली सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश के आधार पर जरूरत के अनुसार विदेशी विशेषज्ञों और उपकरणों को स्वीकार कर रही है। इसी प्रक्रिया के तहत भारत की विशेष टनल-रेस्क्यू टीम नेपाल पहुंच चुकी है, जबकि चीन की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमें भी तैनात होने की तैयारी में हैं।

नेपाल में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे लोगों को निकालना है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त सड़कें और पुल, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र तथा खराब मौसम राहत अभियान को मुश्किल बना रहे हैं।

नेपाल सरकार ने सुरंगों में बचाव के अलावा DNA जांच, शवों की पहचान और सुरक्षित रखने के लिए रेफ्रिजरेशन उपकरण, भारी सामान पहुंचाने वाले ड्रोन तथा बुनियादी ढांचे की बहाली जैसे क्षेत्रों में भी अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहायता मांगी है।

भारत पहले ही नेपाल को राहत सामग्री भेज चुका है और अब विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम के जरिए तकनीकी सहायता भी दे रहा है। इस पूरे अभियान का मुख्य लक्ष्य सुरंगों और अन्य दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों को जल्द से जल्द खोजकर सुरक्षित निकालना है।

NEDS India 24x7 नेपाल में चल रहे राहत और बचाव अभियान तथा भारत की सहायता से जुड़े हर महत्वपूर्ण अपडेट पर नजर बनाए हुए है।