दिल्ली में विपक्ष की बड़ी रैली: राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई

मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर रामलीला मैदान में जुटे हजारों प्रदर्शनकारी; विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल, चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज किया।

दिल्ली में विपक्ष की बड़ी रैली: राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई

<h1>दिल्ली में विपक्ष की बड़ी रैली, राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई</h1>
<p><strong>नई दिल्ली, 2 नवंबर 2026।</strong> देश की राजनीति में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। रविवार, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी INDIA गठबंधन की ओर से बड़ी रैली आयोजित की गई। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों के कई नेताओं और हजारों समर्थकों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।</p>
<h2>मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर विपक्ष के सवाल</h2>
<p>विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया से वास्तविक मतदाताओं के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।</p>
<p>रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें अपने पद से हटना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मामला बताया।</p>
<h2>चुनाव आयोग और सरकार का क्या कहना है?</h2>
<p>दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य दोहराए गए, अपात्र और गलत प्रविष्टियों को हटाकर सूची को दुरुस्त करना है। आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।</p>
<p>रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग का यह भी कहना है कि जिन योग्य मतदाताओं के नाम गलती से हट गए हैं, वे दोबारा नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया अपना सकते हैं।</p>
<h2>रैली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम</h2>
<p>रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस तथा सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। प्रदर्शन स्थल और रैली मार्ग पर निगरानी के लिए कैमरों और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया।</p>
<p>एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन में INDIA गठबंधन के विभिन्न दलों के समर्थक शामिल हुए। रैली में लोकतंत्र की सुरक्षा और मतदाता अधिकारों से जुड़े नारे लगाए गए।</p>
<h2>भाजपा की ओर से भी आई प्रतिक्रिया</h2>
<p>रैली को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। रॉयटर्स के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शन को राजनीतिक रूप से आयोजित नाटक बताया। भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने का विरोध किया है।</p>
<h2>क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?</h2>
<p>मतदाता सूची किसी भी चुनाव की बुनियादी व्यवस्था होती है। इसमें योग्य मतदाताओं के नाम शामिल रहना और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना—दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की पारदर्शिता, गलत तरीके से नाम हटने की शिकायतों का समाधान और चुनाव आयोग की जवाबदेही जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं।</p>
<p>फिलहाल इस पूरे विवाद में विपक्ष और चुनाव आयोग के दावे अलग-अलग हैं। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि नाम हटाए जाने से जुड़ी शिकायतों की जांच और समाधान किस तरह होता है।</p>
<p><strong>स्रोत एवं आगे पढ़ें:</strong></p>
<ul>
<li>Reuters की विस्तृत रिपोर्ट: https://www.reuters.com/world/india/indian-authorities-tighten-security-ahead-big-opposition-march-delhi-2026-11-01/</li>
<li>Associated Press की रिपोर्ट: https://apnews.com/article/india-opposition-protests-voters-elections-cockroach-party-cb532b4811eea64c51f61cd4199fb64e</li>
</ul>
<p><strong>NEDS India 24x7 | राजनीति डेस्क</strong></p>