GOBARdhan योजना को मिली बड़ी मंजूरी, सरकार ने ₹23,731 करोड़ का किया प्रावधान

गोबर और जैविक कचरे से बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयारी, गांवों और किसानों को मिलेगा फायदा

GOBARdhan योजना को मिली बड़ी मंजूरी, सरकार ने ₹23,731 करोड़ का किया प्रावधान

नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026। केंद्र सरकार ने जैविक कचरे के बेहतर उपयोग और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने GOBARdhan योजना को ₹23,731 करोड़ के परिव्यय के साथ मंजूरी दी है। योजना का उद्देश्य गोबर और अन्य जैविक कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलकर बायोगैस और संपीड़ित बायोगैस के उत्पादन को बढ़ावा देना है।

GOBARdhan पहल के माध्यम से गांवों में उपलब्ध गोबर और जैविक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे कचरे से होने वाले प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सरकार की योजना के तहत जैविक कचरे से ऊर्जा और उपयोगी उत्पाद तैयार करने वाली परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

GOBARdhan मॉडल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ग्रामीण स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और वैकल्पिक ऊर्जा को एक साथ जोड़ना है। गोबर से तैयार बायोगैस का इस्तेमाल ऊर्जा के रूप में किया जा सकता है, जबकि जैविक अपशिष्ट के प्रसंस्करण से कृषि उपयोग के लिए उपयोगी सामग्री भी प्राप्त की जा सकती है।

सरकार के इस फैसले को स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जैविक कचरा प्रबंधन से जोड़कर देखा जा रहा है।