गंडक नदी का कहर: रेवहिया में 100 से अधिक घर कटाव की चपेट में, स्कूल का हिस्सा नदी में समाया

पश्चिम चंपारण के मधुबनी प्रखंड में गंडक का भीषण कटाव, ग्रामीण घरों का सामान निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाने को मजबूर

गंडक नदी का कहर: रेवहिया में 100 से अधिक घर कटाव की चपेट में, स्कूल का हिस्सा नदी में समाया

बगहा/पश्चिम चंपारण, 21 अगस्त 2026। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल के मधुबनी प्रखंड की चिउरही पंचायत स्थित रेवहिया गांव में गंडक नदी का कटाव लगातार गंभीर होता जा रहा है। नदी की तेज धारा ने गांव के बड़े हिस्से को प्रभावित कर दिया है। कई परिवारों के आशियाने उजड़ चुके हैं और ग्रामीण अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार रेवहिया गांव में गंडक नदी की तेज धारा के कारण 100 से अधिक घर बह चुके हैं। कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि ग्रामीणों के सामने अपने वर्षों पुराने घरों को बचाने के बजाय उनका सामान सुरक्षित निकालने की चुनौती खड़ी हो गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिन घरों को उन्होंने वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी से बनाया था, उन्हें अब मजबूरी में खुद ही तोड़ना पड़ रहा है। लोग घरों से लकड़ी, दरवाजे, खिड़कियां, छत की सामग्री और अन्य जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

### स्कूल भवन पर भी मंडरा रहा खतरा

गंडक नदी का कटाव अब गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय तक पहुंच चुका है। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल की पश्चिमी चारदीवारी पहले ही नदी में समा चुकी है और विद्यालय भवन का करीब आधा हिस्सा भी कटाव की चपेट में आ गया है।

स्कूल भवन के बचे हुए हिस्से पर भी लगातार खतरा बना हुआ है। नदी की तेज धारा के कारण विद्यालय को सुरक्षित बचा पाना चुनौती बन गया है। स्थिति को देखते हुए स्कूल के कमरों से दरवाजे और खिड़कियां जैसी सामग्री भी बाहर निकाले जाने की बात सामने आई है।

### किसानों की जमीन भी नदी में समा रही

कटाव का असर सिर्फ घरों और स्कूल तक सीमित नहीं है। रेवहिया और आसपास के इलाकों में किसानों की उपजाऊ जमीन और फसलें भी गंडक नदी की धारा में समा रही हैं।

किसानों के लिए यह दोहरी मार है। एक तरफ उनके रहने के लिए बनाए गए घर खतरे में हैं, वहीं दूसरी तरफ खेती की जमीन और फसलें भी नदी में बह रही हैं। इससे प्रभावित परिवारों के सामने आने वाले दिनों में रोजी-रोटी का संकट और गहरा सकता है।

### पैक्स गोदाम और पानी की टंकी पर भी खतरा

स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय के बाद अब पैक्स गोदाम और नल-जल योजना की पानी की टंकी पर भी कटाव का खतरा मंडरा रहा है। यदि नदी का कटाव इसी रफ्तार से जारी रहा तो गांव की अन्य सार्वजनिक सुविधाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

### कटाव रोकने के लिए जियो बैग लगाए जा रहे

कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं। मौके पर जियो बैग और अन्य सामग्री पहुंचाई गई है।

हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि नदी की तेज धारा के सामने केवल जियो बैग पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं और कई बैग बह जा रहे हैं। ग्रामीणों ने स्थायी और मजबूत कटावरोधी कार्य कराने की मांग की है।

ग्रामीणों की मांग है कि सिर्फ अस्थायी बचाव सामग्री डालने के बजाय नदी के कटाव को रोकने के लिए प्रभावी तकनीकी उपाय किए जाएं, ताकि गांव के बचे हुए हिस्से, स्कूल और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को बचाया जा सके।

### अधिकारियों ने लिया स्थिति का जायजा

कटाव की सूचना के बाद स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों की ओर से मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही गई है।

फिलहाल रेवहिया गांव में ग्रामीणों के बीच भय और चिंता का माहौल है। लोगों को आशंका है कि अगर गंडक नदी का कटाव नहीं रुका तो गांव का बचा हुआ हिस्सा भी इसकी चपेट में आ सकता है।

गंडक की तेज धारा के सामने अपने आशियाने और जमीन को बचाने की जद्दोजहद कर रहे ग्रामीण अब प्रशासन से तत्काल और स्थायी कटावरोधी कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

NEDS India 24x7 की अपील है कि प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षित स्थानों पर जाने में सहयोग करें।