मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: दो अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नोनी जिले में गोलीबारी में तीन लोगों की मौत, कांगपोकपी में तलाशी अभियान के दौरान मिले दो लापता लोगों के शव; पुलिस जांच में जुटी।
<h1>मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: दो अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत</h1>
<p><strong>इंफाल, 2 नवंबर 2026।</strong> मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की गंभीर घटना सामने आई है। राज्य के दो अलग-अलग जिलों में हुई घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, शनिवार को नोनी जिले में गोलीबारी की घटना में तीन लोगों की जान गई, जबकि रविवार सुबह कांगपोकपी जिले में पहले से लापता दो लोगों के शव बरामद किए गए।</p>
<p>ताजा घटनाओं के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और जातीय तनाव को लेकर चिंता बढ़ गई है।</p>
<h2>नोनी जिले में गोलीबारी, तीन लोगों की मौत</h2>
<p>पुलिस के बयान के अनुसार, नोनी जिले में शनिवार को अज्ञात हथियारबंद लोगों के बीच गोलीबारी हुई। इस घटना में कुकी समुदाय के तीन पुरुषों की मौत हो गई।</p>
<p>फिलहाल गोलीबारी में शामिल लोगों की पहचान और घटना के पीछे की वजह को लेकर जांच जारी है। पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू कर दी है।</p>
<h2>कांगपोकपी में मिले दो लापता लोगों के शव</h2>
<p>दूसरी घटना कांगपोकपी जिले में सामने आई। पुलिस के दूसरे बयान के मुताबिक, इसी समुदाय के दो पुरुष इस सप्ताह की शुरुआत से लापता थे। रविवार सुबह सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद दोनों के शव बरामद किए गए।</p>
<p>इन दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है।</p>
<h2>कुकी संगठन ने लगाए आरोप</h2>
<p>एक प्रमुख कुकी आदिवासी संगठन ने इन हत्याओं के लिए नागा अलगाववादी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया है। संगठन ने इसे अपने क्षेत्र में किया गया हमला बताया है।</p>
<p>हालांकि, ये संगठन के आरोप हैं। पुलिस जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि होने से पहले किसी संगठन या व्यक्ति की जिम्मेदारी को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।</p>
<h2>राज्य में विरोध प्रदर्शन भी जारी</h2>
<p>इन घटनाओं के बीच मणिपुर की राजधानी इंफाल और अन्य इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कुकी सशस्त्र समूहों और केंद्र सरकार के बीच लागू संघर्षविराम व्यवस्था को समाप्त किया जाए।</p>
<p>कुकी और नागा समुदायों के बीच भूमि और जातीय पहचान को लेकर लंबे समय से तनाव रहा है। इस साल फरवरी में एक नागा व्यक्ति पर कथित हमले के बाद तनाव बढ़ा था। मई में तीन कुकी पादरियों की हत्या के बाद अपहरण और जवाबी हत्याओं की घटनाओं का सिलसिला शुरू होने की जानकारी भी सामने आई थी।</p>
<h2>2023 से जारी संघर्ष का असर</h2>
<p>मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष जारी है। इस लंबे संघर्ष में 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 60 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। इनमें से कई लोग अब भी अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं।</p>
<p>ताजा घटनाओं ने राज्य में शांति बहाली की कोशिशों के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।</p>
<h2>आगे क्या?</h2>
<p>फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां दोनों घटनाओं की जांच कर रही हैं। मृतकों की परिस्थितियों, गोलीबारी में शामिल लोगों और घटनाओं के पीछे के कारणों का पता लगाया जाना बाकी है।</p>
<p>राज्य में शांति बहाली के लिए निष्पक्ष जांच, सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावित समुदायों के बीच संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p><strong>स्रोत:</strong> Reuters की 1 नवंबर 2026 की रिपोर्ट और मणिपुर पुलिस के बयानों पर आधारित।</p>
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